साल 2018-19 में आरआईएल की कमाई 6.23 लाख करोड़ रुपये रही जबकि आईओसी ने 6.17 लाख करोड़ रुपये कमाए. इस उपलब्धि के साथ आरआईएल रेवेन्यू, मुनाफे और मार्केट कैप सभी तीनों मानकों पर देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.
लगभग एक दशक पहले इंडियन ऑयल के मुकाबले आईओसी का कारोबार आधा था, लेकिन कंपनी द्वारा दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार करने से उसके कारोबार में तेजी से वृद्धि हुई. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018-19 के दौरान आरआईएल का रेवेन्यू 44.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5.67 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया, वहीं आईओसी का रेवेन्यू 28.03 प्रतिशत बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया.
लगभग एक दशक पहले इंडियन ऑयल के मुकाबले आईओसी का कारोबार आधा था, लेकिन कंपनी द्वारा दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार करने से उसके कारोबार में तेजी से वृद्धि हुई. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018-19 के दौरान आरआईएल का रेवेन्यू 44.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5.67 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया, वहीं आईओसी का रेवेन्यू 28.03 प्रतिशत बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया.
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