भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में राज्यों के राजकोषीय घाटे में वृद्धि के खतरे को लेकर आगाह किया है. आरबीआई का कहना है कि कृषि कर्ज माफी, आय समर्थन योजना एवं बिजली वितरण कंपनियों से जुड़े उदय बांड के बोझ से राज्यों का घाटा बढ़ सकता है.
केंद्रीय बैंक के मुख्यालय में आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों एवं 15वें वित्त आयोग के सदस्यों की 08 मई 2019 को बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक की ओर से यह बात कही गयी.
इस बैठक में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर महेश कुमार जैन शामिल हुए. केंद्र सरकार के साथ कुछ राज्यों ने आम चुनावों से पहले किसानों, गरीब और वंचित तबकों हेतु कुछ राहत योजनाओं की घोषणा की है..
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