आम बजट 2019

आम बजट 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट 05 जुलाई 2019 को संसद में पेश हुआ. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश किया. इस बार बजट पेश करने को लेकर चली आ रही पुरानी परंपरा से इतर बजट की कॉपी ब्रीफकेस के बजाय लाल रंग के बैग में रखी गई. वहीं बजट को इस बार 'बही खाता' नाम दिया गया है.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण 2019-20 में आयकर दाताओं का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रत्‍यक्ष कर में वृद्धि हुई है. साल 2018-19 में प्रत्‍यक्ष कर 11.37 लाख करोड़ रुपए प्राप्‍त हुआ है। उन्‍होंने कहा कि कॉरपोरेट करों को निरंतर कम करते रहेंगे.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में मध्य वर्ग को राहत देते हुए 5 लाख तक की इनकम पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगाने का प्रस्ताव किया. वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री ने कहा कि 5 लाख रुपये तक कि आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

वित्‍त मंत्री ने 25 प्रतिशत कॉरपोरेट कर के लिए सीमा 250 करोड़ से बढ़ाकर 400 करोड़ वार्षिक टर्न ओवर करने की घोषणा की. इस फैसले से 99.39 प्रतिशत कंपनियां इस दायरे में आ जाएंगी. इसका मतलब है कि अब सालना 400 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट टैक्‍स देना होगा. पहले सालाना टर्नओवर 250 करोड़ रुपए वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत टैक्‍स देय था.

ई वाहनों पर GST को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाएगा. इसके साथ ही स्टार्टअप के लिए बड़ी छूट का घोषणा किया है. स्टार्ट अप को एंजल टैक्स नहीं देना होगा, साथ ही आयकर विभाग भी इनकी जांच नहीं करेगा.

मोदी सरकार ने मिडिल क्लास के लिए बड़ा घोषणा किया है. अब 45 लाख रुपये का घर खरीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की छूट दी जाएगी. हाउसिंग लोन के ब्याज पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख हो गई है. इसके अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये तक का इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर भी छूट दी जाएगी.
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