UKO BANK |
ये लोन 2013 में नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) घोषित किया जा चुका है. नियमों के मुताबिक अगर कोई प्रमोटर विलफुल डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत कर दिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में वो जिस भी कंपनी का निदेशक है उसकी फंडिंग के साधनों पर रोक लगा दी जाती है.
लोन क्यों लिया गया था:
बिड़ला सूर्या कंपनी ने मल्टी-क्रिस्टैलिन सोलर फोटोवॉल्टाइक सेल्स के निर्माण के उद्देश्य से बैंक से लोन लिया था. बिरला समूह के पास एक दर्जन से भी ज्यादा कंपनियां हैं. इनमें जेनिथ स्टील, बिरला पॉवर, बिरला लाइफ स्टाइल आदि प्रमुख हैं. इस समूह की अधिकतर कंपनियां इस समय बुरे दौर से गुजर रही हैं और कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं.
पिछले साल भी परेशानी का सामना:
कंपनी को पिछले साल भी परेशानी का सामना करना पड़ा था जब ग्रुप की तीन कंपनियों- बिड़ला कोटसिन, बिड़ला श्लोका एजुटेक और जेनिथ बिड़ला पैसे के लेनदेन को लेकर जांच के घेरे में आ गईं थीं. यह जांच जब फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों द्वारा अपने पैसे वापस न मिलने की शिकायत के बाद शुरू हुई थी.
विलफुल डिफॉल्टर घोषित:
बैंकर्स के अनुसार, किसी कर्जदार को विलफुल डिफॉल्टर घोषित करना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उन्हें अपनी स्थिति को पेश करने का पर्याप्त मौका मिलता है. किसी कर्जदार को 'विलफुल डिफॉल्टर' तब बताया जाता है जब वह जानबूझ कर कर्ज चुकाने में असफल रहता है. यानी संसाधन होने के बावजूद कर्ज न चुकाना इसमें शामिल है. इसके अतिरिक्त कर्जदाता को बिना बताए ऐसेट्स की बिक्री और पैसे को दूसरे कामों में लगाने के चलते भी किसी व्यक्ति को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया जाता है.
यूको बैंक के बारे में:
यूको बैंक भारत का एक प्रमुख बैंक है और इसका मुख्यालय कोलकाता में है. इस बैंक की स्थापना यश बिड़ला के परदादा, घनश्याम दास बिड़ला ने की थी. यूको बैंक की स्थापना 06 जनवरी 1943 को हुई थी.
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