अल्टिमा थुले पर मिले पानी की मौजूदगी के सबूत: नासा



अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को हाल ही में अल्टिमा थूले की सतह पर मेथनॉल, पानी की जमी बर्फ, और कार्बनिक अणुओं के एक अद्वितीय मिश्रण का सबूत मिला है. मानव जाति द्वारा खोजी गई अब तक की यह सबसे दूर की दुनिया है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अल्टिमा थुले की पहला प्रोफाइल अपने साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है. इसके तहत अंतरिक्ष की जटिल दुनिया के बारे में और अधिक जानकारी मिली है. शोधकर्ता अल्टिमा थूले की सतह की विशेषताओं का भी अध्ययन कर रहे हैं. साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, शोध कर रही टीम को अल्टिमा थूले की सतह पर मेथनॉल, पानी की बर्फ और कार्बनिक अणुओं के सबूत मिले हैं.

कूइपर बेल्ट में स्थित ऑब्जेक्ट:

कूइपर बेल्ट (अंतरिक्ष का सबसे दूर की सतह) में स्थित ऑब्जेक्ट 2014 एमयू 69 नामक पिंड को अल्टिमा थुले नाम दिया गया है. नासा के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान ने 2019 में नए साल के मौके पर उड़ान के दौरान इस पिंड का डाटा इकट्ठा किया था. इसके पहले सेट का विश्लेषण करने के बाद अंतरिक्ष की जटिल दुनिया के बारे में और अधिक जानकारी मिली है.
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