केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 15 नवम्बर 2018 को घोषणा की है कि 15 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाली महिलाओं को मिलने वाले मातृत्व अवकाश के 7 हफ्ते का वेतन सरकार नियोक्ता कंपनी को वापस करेगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी की तरफ से गर्भवती महिला को छुट्टी देने में आनाकानी न की जाए.
साथ ही कंपनियां भी वित्तीय नुकसान की चिंता छोड़ सकें. यह नियम प्राइवेट और सरकारी दोनों कंपनियों के लिए लागू होगा.
मातृत्व लाभ (संशोधित) विधेयक 2016 के मुख्य बिंदु
• पहली या दूसरी बार मां बन रही महिला को 26 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिल सकेगा.
• दो से ज्यादा बच्चों के लिए 12 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी.
• तीन महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सेरोगेट मांओं को भी 12 हफ़्ते की छुट्टी दी जाएगी.
• यदि संभव हो तो कंपनी महिलाओं को घर से ही काम करने की अनुमति दे सकती है.
• प्रत्येक संगठन को उनकी नियुक्ति के समय से महिलाओं को इन लाभों को देना होगा.
साथ ही कंपनियां भी वित्तीय नुकसान की चिंता छोड़ सकें. यह नियम प्राइवेट और सरकारी दोनों कंपनियों के लिए लागू होगा.
मातृत्व लाभ (संशोधित) विधेयक 2016 के मुख्य बिंदु
• पहली या दूसरी बार मां बन रही महिला को 26 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिल सकेगा.
• दो से ज्यादा बच्चों के लिए 12 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी.
• तीन महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सेरोगेट मांओं को भी 12 हफ़्ते की छुट्टी दी जाएगी.
• यदि संभव हो तो कंपनी महिलाओं को घर से ही काम करने की अनुमति दे सकती है.
• प्रत्येक संगठन को उनकी नियुक्ति के समय से महिलाओं को इन लाभों को देना होगा.
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